Sunday, May 6, 2012

...हे इश्वर कब होंगे दर्शन तेरे ?

हे भगवान,
आप अखिल ब्रम्हांड के पोषक हैं.|आपकी भक्ति ही सत्य धर्म है,आपका सचिदानंद स्वरुप सूर्यमंडल कि ज्योतिर्मयी अवनिका से आवृत है.|में आपका निरावरण करना चाहता हूँ ,अतः हे कृपानिधान!जो भी आवरण हैं:,उन सबको हटा कर मेरे समक्ष अपने सचिदानंद स्वरुप को प्रकट कीजिये .........

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